Month: December 2017

What I Feel

I’ve been looking for something that comforts my aching heart in whatever is left with me I feel disappointed.   I’ve been looking for reason among unknown faces, in faraway places. I feel lost.   I’ve been looking for some hope...

एक सपना था

सपने तो बहुत से देखे थे मैंने, आज भी देखता हूँ, कुछ अच्छे, कुछ बुरे, और कुछ ऐसे जो याद भी नहीं। कुछ सपने सच न हो जाएं ये भय भी सताता है, कुछ सपने सच क्यूं न हुए ये ग़म...