इक पल में इक सदी का मज़ा हमसे पूछिये

इक पल में इक सदी का मज़ा हमसे पूछिये, दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हमसे पूछिये। भूलें हैं रफ्ता-रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम, किश्तों में ख़ुद-खुशी का मज़ा हमसे पूछिये। आग़ाज़-ए-आशिक़ी का मज़ा आप जानिए, अंजाम-ए-आशिक़ी का मज़ा हमसे पूछिये।...

I am Sorry

I sometimes cry but can’t tell you why, I seldom share things for I am shy. I’ve always been like that and will be the same, There’s something in my nature I can’t tame. You know I love you with all...

What I Feel

I’ve been looking for something that comforts my aching heart in whatever is left with me I feel disappointed.   I’ve been looking for reason among unknown faces, in faraway places. I feel lost.   I’ve been looking for some hope...

एक सपना था

सपने तो बहुत से देखे थे मैंने, आज भी देखता हूँ, कुछ अच्छे, कुछ बुरे, और कुछ ऐसे जो याद भी नहीं। कुछ सपने सच न हो जाएं ये भय भी सताता है, कुछ सपने सच क्यूं न हुए ये ग़म...

क्यूँ प्रेम पगे मेरे मन को

क्यूँ प्रेम पगे मेरे मन को तुम ठेस लगाया करते हो, खुद भी तुम आहत होते हो मुझको भी रुलाया करते हो।   अधिकार नहीं मेरा कोई तुम वर्जित फल मेरी ख़ातिर, उस सुखद स्वप्न के जैसे तुम जो हो ही...

‘गण’ और ‘तंत्र’

‘तंत्र’ तो संगठित है पर ‘गण’ कहीं बिखरे पड़े, तंत्र हमको लूटता है, गण हैं आपस में लड़े। तंत्र तो पैदा हुआ था गण की सुविधा के लिए, दास था जो क्यों मचलता स्वामी बनने के लिए। बाँट रखा आज गण...